Rajasthan Government New Law के तहत राजस्थान सरकार ने किशोरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब यह अध्यादेश कानून का रूप ले चुका है। नए कानून के अनुसार 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों से अब रात के समय काम कराना अपराध माना जाएगा।
भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा लाए गए इस कानून का उद्देश्य किशोरों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की रक्षा करना है। इसके अंतर्गत अब होटल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में किशोरों को नाइट शिफ्ट में काम नहीं कराया जा सकेगा।
राजस्थान दुकान एवं वाणिज्य संस्थान अधिनियम 1958 के तहत पहले:
12 से 15 वर्ष के किशोरों को
अधिकतम 3 घंटे प्रतिदिन काम करने की अनुमति थी
लेकिन नए संशोधन में यह आयु सीमा बढ़ाकर 14 से 18 वर्ष कर दी गई है, जिससे अधिक किशोर इस सुरक्षा दायरे में आ गए हैं।
विधानसभा सत्र के बिना लाया गया अध्यादेश
राजस्थान सरकार ने विधानसभा सत्र न होने के बावजूद राजस्थान दुकान एवं वाणिज्य संस्थान (संशोधन) अध्यादेश 2025 लागू किया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने संविधान प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए इस अध्यादेश को मंजूरी दी, जिसके बाद यह कानून बन गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, किशोरों की सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल निर्णय लेना आवश्यक था।
काम के घंटों को लेकर भी सख्ती
14 से 18 वर्ष के किशोर
दिन में अधिकतम 3 घंटे ही काम कर सकेंगे
किसी भी कर्मचारी से
6 घंटे लगातार काम के बाद 30 मिनट का विश्राम अनिवार्य होगा
इस कानून के लागू होने के बाद यदि कोई प्रतिष्ठान किशोरों से रात में काम कराता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का साफ संदेश है कि बाल एवं किशोर श्रम को किसी भी हाल में बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
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Rajasthan Government New Law 2025 राज्य में किशोरों के अधिकारों और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह कानून न सिर्फ किशोरों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि समाज में जिम्मेदार रोजगार व्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।